Tata Motors

टाटा मोटर्स जल्द ही इटली की जानी-मानी ट्रक निर्माता कंपनी Iveco को खरीद सकती है। यह डील करीब $4.5 बिलियन (₹37,000 करोड़ से ज्यादा) की बताई जा रही है। अगर ये डील फाइनल होती है, तो यह टाटा ग्रुप की अब तक की दूसरी सबसे बड़ी डील होगी। इससे पहले कंपनी ने 2007 में Corus Steel को खरीदा था। द इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को टाटा मोटर्स और Iveco के बोर्ड की बैठक होने वाली है, जिसमें इस डील को मंजूरी मिल सकती है। इसके तुरंत बाद आधिकारिक ऐलान होने की संभावना है।
Iveco क्या बनाती है?
Iveco एक पुरानी यूरोपीय कंपनी है जो मुख्य रूप से ट्रक, बस और इंजन बनाती है। कंपनी की कुल बाजार पूंजी (मार्केट कैप) $4.9 बिलियन है। इसका हेडक्वार्टर इटली के Turin शहर में है। Iveco की बड़ी हिस्सेदारी इटली की प्रसिद्ध Agnelli फैमिली के पास है। इनकी होल्डिंग कंपनी Exor, Iveco में 27.1% हिस्सेदारी और 43.1% वोटिंग राइट्स रखती है।
रक्षा कारोबार को लेकर भी चर्चा में है Iveco
Iveco ने खुद इस हफ्ते बताया कि वह अपने डिफेंस बिजनेस को बेचने या अलग करने को लेकर कई कंपनियों से बातचीत कर रही है। कंपनी पहले ही कह चुकी है कि वह 2025 के अंत तक इस हिस्से को डील के लिए तैयार करेगी।
किन कंपनियों के जिम्मे है डील को अंजाम तक पहुंचाना?
- टाटा मोटर्स को इस डील में सलाह दे रहा है Morgan Stanley
- Agnelli फैमिली और Iveco की ओर से Goldman Sachs कर रही है फाइनेंशियल एडवाइजरी
- Clifford Chance नाम की अंतरराष्ट्रीय लॉ फर्म इस डील का कानूनी पक्ष संभाल रही है।
- टाटा मोटर्स इस डील को अपनी नीदरलैंड में स्थित एक कंपनी के ज़रिए पूरा करेगी, जो पूरी तरह उसी की होगी।
इटली की सरकार की नजर में डील
क्योंकि Iveco एक रणनीतिक और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनी है, इसलिए इस डील पर इटली सरकार की नजर है। सरकार का ‘गोल्डन पावर कानून’ ऐसे मामलों में एक्टिव हो जाता है, जो उसे राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डील पर रोक लगाने या शर्तें जोड़ने का अधिकार देता है।
Iveco दुनिया भर में करीब 36,000 लोगों को रोजगार देता है, जिनमें से 14,000 कर्मचारी इटली में ही काम करते हैं।
नई दिल्ली: देश का सबसे बड़ा औद्योगिक घराना टाटा ग्रुप बड़ा धमाका करने की तैयारी में है। टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी टाटा मोटर्स इटली की ट्रक बनाने वाली कंपनी Iveco को खरीदने जा रहा है। यह सौदा 4.5 बिलियन डॉलर में हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक यह टाटा ग्रुप की अब तक की दूसरी सबसे बड़ी खरीदारी होगी। इससे पहले टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील ने 2007 में कोरस को खरीदा था। यह डील 12 अरब डॉलर में हुई थी। ऑटोमोबाइल सेक्टर में टाटा मोटर्स का यह सबसे बड़ा सौदा होगा। 2008 में टाटा मोटर्स ने जगुआर लैंड रोवर (JLR) को 2.3 बिलियन डॉलर में खरीदा था।
सूत्रों के अनुसार इस अधिग्रहण की औपचारिक घोषणा आज हो सकती है। टाटा मोटर्स और Iveco के बोर्ड आज इस सौदे को मंजूरी देने के लिए मिलेंगे। Iveco का मुख्यालय इटली के ट्यूरिन में है। सूत्रों के मुताबिक टाटा मोटर्स एग्जोर से 27.1% हिस्सेदारी खरीदेगी। एग्ज़ोर, Agnelli परिवार की निवेश कंपनी है। इसके बाद टाटा मोटर्स अन्य छोटे शेयरधारक समूहों को खरीदने के लिए एक टेंडर ऑफर (ओपन ऑफर) लॉन्च करेगी। एग्जोर के पास Iveco के वोटिंग अधिकारों का 43.1% भी है।
टाटा ग्रुप का क्या फायदा
Iveco अपने डिफेंस बिजनस को अलग कर रही है। यह टाटा मोटर्स के सौदे का हिस्सा नहीं होगा। टाटा ग्रुप को विश्वास है कि Iveco का 100% हिस्सा खरीद लेगा। सौदे की उम्मीद में मंगलवार को Iveco के शेयरों में 7.4% तक की वृद्धि हुई। इस साल स्टॉक दोगुने से अधिक हो गया है जिससे कंपनी का मूल्य 6.15 बिलियन डॉलर हो गया है। एग्जोर और Iveco के बोर्ड टाटा को बिक्री के पक्ष में माने जाते हैं। इसकी वजह यह है कि Agnellis ग्रुप की टाटा ग्रुप के साथ करीबी रही है।